(रतन टाटा life story ni hindi) रतन टाटा एक भारतीय उद्योगपति, निवेशक, परोपकारी और टाटा सन्स के अवकाशप्राप्त अध्यक्ष है। रतन टाटा 1991 से 2012 तक मिश्र टाटा ग्रुप के अध्यक्ष रह चुके है। उन्होंने 28 दिसंबर 2012 को अपने टाटा ग्रुप के अध्यक्ष पद को छोड़ा, लेकिन रतन टाटा “टाटा ग्रुप” के समाजसेवी संस्थाओ के अध्यक्ष आज भी है। आज टाटा ग्रुप का 65% मुनाफा विदेशो से आता है। 1990 में उदारीकरण के बाद टाटा ग्रुप ने विशाल सफलता हासिल की, इसका श्रेय सिर्फ और सिर्फ रतन टाटा को ही जाता है। रतन टाटा नवल टाटा के पुत्र है। जिन्हें नवाजबाई टाटा ने अपने पति की मृत्यु के बाद दत्तक ले लिया था। रतन टाटा के माता-पिता नवल और सोनू 1940 के मध्य में अलग हूए। अलग होते समय रतन 10 साल के और उनके छोटे भाई सिर्फ 7 साल के ही थे। उन्हें और उनके छोटे भाई, दोनों को उनकी बड़ी माँ नवाईबाई टाटा ने बड़ा किया था। कैंपियन स्कूल, मुम्बई से ही रतन टाटा ने स्कूल जाना शुरू किया और कैथेड्रल में ही अपनी माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की और जॉन केनौन स्कूल में दाखिल हुए। वही वास्तुकला में उन्होंने अपनी B.Sc की शिक्षा पूरी की। साथ ही कॉर्नेल य...
Motivational Blog and business tips in hindi for business man tips motivational story in hindi in students life lessons and business tips and by-Daily businesses tips in hindi and daily motivational tips post and students life lessons