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चिड़िया और किसान (motivational story)

चिड़िया और किसान

(Motivational story)

चिड़िया और किसान

(Motivational story) चिड़िया और किसान  (Motivational story)

चिड़िया और किसान

क्यों पढ़े :- कहते है कि दूसरों से आगे निकलना है तो दूसरों पर निर्भरता भी कम रखनी चाहिए।

यह कहानी दर्शाती है कि अगर हम अपने काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं तो उस काम की होने की संभावना 50% तक कम हो जाती है जिससे हमारी सफलता भी आधी रह जाती है।

यह कहानी आपको अनुभव कराएगी कि कैसे हम अपनी सफलता को 100% तक बढ़ा सकते है।

चिड़िया और किसान

एक चिड़िया ने एक खेत में फसल के बीच पेड़ पर घोंसला बना कर अंडे दिए। जिनसे समय आने पर उन अंडो में से दो बच्चे निकले। अब चिड़िया अपने बच्चों के लिए दाना चुगने रोज जंगल जाती। इस बीच उसके बच्चे खेत में अकेले पड़ जाते थे। चिड़िया लौटती तो बच्चे बहुत खुश होते और उसका लाया दाना खाते।

एक दिन चिड़िया ने देखा कि बच्चे बहुत डरे हुए हैं। उन्होंने बताया- "आज खेत का मालिक आया था। वह कह रहा था कि फसल पक चुकी है। कल बेटों से खेत की कटाई के लिए कहेगा। इस तरह तो हमारा घोंसला टूट जाएगा फिर हम कहां रहेंगे?"- बच्चों ने एकसाथ कहा।

चिड़िया बोली- 'फिक्र मत करो, अभी खेत नहीं कटेगा।'

अगले दिन, सच में कुछ नहीं हुआ और बच्चे बेफिक्र हो गए।

एक हफ्ते बाद, चिड़िया को बच्चे फिर डरे हुए मिले। बच्चों ने कहा- "किसान आज फिर आया था। कह रहा था कि कल नौकर को खेत काटने को कहेगा।"

इस बार भी चिड़िया ने बच्चों से कहा- "कुछ नहीं होगा, डरो मत।"

अगले हफ्ते, बच्चों ने बताया कि किसान आज फिर आया था और कह रहा था कि फसल की कटाई में बहुत देर हो गई है। कल वह खुद ही काटेगा।

यह सुनकर चिड़िया ने बच्चों से बोली- "यहाँ रहना अब सुरक्षित नहीं। कल खेत जरुर कट जाएगा।" और वह बच्चों को तुरंत एक सुरक्षित स्ठान पर ले गई।

इस पर हैरान होकर बच्चों ने पूछा- "माँ! तुमने यह कैसे जाना कि इस बार खेत सचमुच कटेगा?"

चिड़िया बोली- " बच्चों! जब तक इंसान किसी काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहता है, उसके संपन्न होने में संदेह लगा रहता है। लेकिन जब वह उस काम को खुद से करने की ठान लेता है तो उसे जरूर पूरा करता है।" किसान ने जब खुद फसल काटने की सोची, तभी तय हुआ कि अब खेत जरूर कट जाएगा।

कहानी की सीख

दूसरों की सहायता लेने में कोई बुराई नहीं है किंतु यदि हम अपनी सफलता की संभावना को 100% रखना चाहते हैं तो उस काम की जिम्मेदारी भी हमें स्वयं ही लेनी होगी।

मैं भी क्लास में नोट्स नहीं बनाता था और दोस्तों से कहता था कि मुझे नोट्स भेज देना लेकिन नोट्स मुझे समय पर नहीं मिल पाते थे जिसके कारण मेरे अंक परीक्षा में अच्छे नहीं आने लगे और धीरे-धीरे मेरा प्रदर्शन भी खराब होने लगा।

मुझे उतने अंक नहीं मिल पाते थे जितनी कि मैं आशा करता था।

अब जब मैं अपने नोट्स स्वंय बनाता हूं मेरी अध्ययन क्षमता इतनी प्रबल हो गई है कि परीक्षा की तैयारी पहले ही पूरी हो जाती है जिससे मेरी सफलता की संभावना भी 100% तक बढ़ गई है। दूसरों पर निर्भरता कम होने के कारण मेरा लक्ष्य के प्रति काम पूरा होने लगा और मेरी कार्यक्षमता दोगुनी हो गई।

बस जरुरत थी तो मेहनत की, प्रबल ईच्छा की और सही मार्गदर्शन की जो आज इस कहानी के माध्यम से मिल गई।

आपको बस यह करना है

1. कोशिश करो जो काम अत्यंत जरूरी हो उसे अपने से उसी समय करने की।

2. एक कॉपी में वह काम और उसे पूरा करने के बाद आपको कितना लाभ हुआ, उसे भी नोट कर ले।

3. अपने सुझाव और सवाल मुझे Playstore पर comment करके बताइए जिससे कि इस मैं इस App को आपके लिए और बेहतर कर संकू।

( नई-नई प्रेरक बातें आपसे साझा करने की प्रेरणा मुझे आपसे ही मिलती है।


 

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