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सफलता का रहस्य (Secret of Success) सफलता का रहस्य l

सफलता का रहस्य (Secret of Success)
सफलता का रहस्य 
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क्यों पढ़े :- हमारे कई सपने हैं जो हमें पूरे करने हैं बस जरूरत है तो एक सही मार्गदर्शन की।
यह कहानी आपको सफलता के उस रहस्य का बोध कराएगी, जो आपको आपकी सफलता के पथ पर आगे बढ़ने में आपका सच्चा साथी बनेगी। एक ऐसा साथी जो आपको लक्ष्य से भटकने नहीं देगी।
सफलता का रहस्य | (Secret of Success)
एक बार एक शिष्य ने अपने गुरु से पूछा- "गुरु जी! इस संसार में ऐसा क्या है जिसकी प्राप्ति से लोग सफल हो जाते हैं। सफलता का रहस्य क्या है? गुरुजी"
गुरुजी ने कहा- "अगर तुम असल में सफलता का रहस्य जानने को इच्छुक हो, तो कल सुबह सूरज निकलने से पहले कुटिया के पास वाले तालाब में आ जाना।"
शिष्य ने ठीक ऐसा ही किया। वह रात-भर ठीक से सो भी नहीं पाया। वह उत्सुक था कि गुरुजी उसे सफलता के उस रहस्य से अवगत कराएंगे जो वह जानने को कब से
 व्याकुल था।
जब वह तालाब के पास पहुंचा, तो गुरु जी पहले से ही वहां पर उपस्थित थे और पूजा-पाठ कर रहे थे।
शिष्य ने गुरु जी को प्रणाम किया और फिर गुरुजी ने उसे अपने साथ तालाब के पास वाले पत्थर पर ले गए और अचानक से गुरुजी ने पत्थर पर से शिष्य को तालाब में धकेल दिया। तलाब में गिरते ही शिष्य विचलित हो उठा। वह तैरने की कोशिश करने लगा, पानी में हाथ-पैर मारने लगा।
गुरुजी जानते थे! कि वह तैरना नहीं जानता है फिर भी उन्होंने ऐसा किया।
शिष्य अपनी पूरी कोशिश करने लगा अपना पूरा दमखम लगाने लगा और चिल्लाने लगा- "बचाओ! बचाओ! गुरुजी बचाओ!"
यह सुनकर बाकी शिष्यगण भी वहां पर पहुंच गए। अपने सहपाठी को डुबता देख उन सब ने और गुरु जी के साथ मिलकर उसे तालाब से बाहर निकाला।
शिष्य जोर-जोर से सांस लेते हुए कहने लगा- "गुरु जी! मैं तो बस आपसे सफलता का रहस्य जानना चाहता था। आपने ऐसा क्यों किया मेरे साथ, आखिर ऐसी भी क्या भुल हो गयी मुझसे।"
गुरुजी ने कहा- "देखो वत्स! जब तुम पानी में गिरे और डूबने लगे तो उस वक्त तुम्हारा सबसे जरूरी काम क्या था?
शिष्य ने कहा- "मैं तैरने की कोशिश करने लगा और जोर-जोर से सांस भी लेने लगा।"
गुरुजी ने कहा- "क्या, तुम असल में तैरना जानते थे?
शिष्य ने कहा- "नहीं गुरु जी!"
गुरु जी ने कहा- "यह जानते हुए भी कि तुम तैरना नहीं जानते हो, फिर भी तुमने तैरने की कोशिश की। तुम ये जानते थे कि तुम बच नहीं पाओगे फिर भी तुमने अपना प्रयास जारी रखा। क्योंकि तुम्हारा उस समय सबसे जरूरी काम कैसे भी करके अपनी जान बचाना था और इसके लिए तुमने अपनी पूरी शक्ति लगा दी।"
"हाँ गुरुजी! आपने सही कहा"- शिष्य ने कहा।
यही सफलता का रहस्य है जिसे जान कर भी लोग अभिन्न रह जाते है "एकाग्रता" (FOCUS )
तुम्हारा सिर्फ और सिर्फ एक ही लक्ष्य था उस समय, कि कैसे भी करके मैं अपनी जान बचाऊँ। तुम्हारा ध्यान उस वक्त एक पल के लिए भी कहीं नहीं भटका, तुम एकाग्रित हो गए थे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए।
मैं समझ गया गुरुजी और उसने गुरु के चरणों को अपने माथे से स्पर्श कर लिया।
गुरुजी ने शिष्य को गले से लगा लिया और अपने सभी शिष्यों से कहा- "यही सफलता का रहस्य है गुरुमंत्र है।
जो व्यक्ति अपने लक्ष्य प्राप्ति को एकाग्रित रहता है उसे इस संसार की कोई भी शक्ति उसके लक्ष्य से भटका नहीं सकती।
कहानी की सीख
इसका एक उदाहरण हम सर इलान मस्क(Elon Musk) के जीवन में देख सकते हैं, कि कैसे उनकी एकाग्रता इतनी प्रबल रही कि लगातार कई असफलता के बावजूद उनको उनके लक्ष्य प्राप्ति से हटा नहीं सकी। और वर्ष 2016 में उन्होंने एक ऐसा रॉकेट का आविष्कार कर दिया जो स्पेस में जाकर वापस धरती पर लौट सकता है। जिसका नाम Falcon 9 रखा गया।
अगर आप भी सफलता प्राप्ति की जिद में हो तो अपने शरीर और आत्मा को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित कर दें। आज और अभी से एकाग्रित हो जाए अपने लक्ष्य को पाने के लिए।
मंजिल उन्हें नहीं मिलती,
जिनके ख्वाब बड़े होते है।
बल्कि मंजिले उन्हें मिलती है,
जो जिद पर अड़े होते है।
आपको बस यह करना है
1. अपने लक्ष्य को अपनी कॉपी, फोन और दिमाग में छाप लें।
2. रोज ऐसा काम करें जो बहुत जरूरी है उस लक्ष्य को पाने के लिए।
3. अपने सुझाव और सवाल मुझे Playstore पर comment करके बताइए जिससे कि इस मैं इस App को आपके लिए और बेहतर कर संकू।
( नई-नई प्रेरक बातें आपसे साझा करने की प्रेरणा मुझे आपसे ही मिलती है। बस आपके एक शेयर (Share On Whatsapp) करने से। )


 

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